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आज का सुविचार। पतंग की ऊंचाई नहीं होती है ऊंचाई होती है तो पेड़ की..

अगर आप से पूछा जाए की ऊंचाई  किसकी अधिक होती है पेड़ की या  पतंग की, तो बेशक आपका जवाब होगा पतंग की लेकिन सच्चाई ये है की ऊंचाई हमेशा पेड़ की ही होती है क्योंकि पेड़ जितना ज्यादा ऊपर बड़ा होता है उतना ही बड़ा नीचे भी गड़ा होता है और पतंग की ऊंचाई टिकी होती है डोर पर और वह डोर किसी और के हाथ में होती है, जो जब चाहे उसे ऊंचा उठा दे, जब चाहे उसे जमीन पर गिरा दे, और जब चाहे इसे लड़ा दे, अब आप ही बताएं कि आप पतंग की ऊंचाई पाना चाहते हो या पेड़ की ऊंचाई, क्योंकि पेड़ की ऊंचाई पाने के लिए धरती में गड़ना जरूरी है और पतंग की ऊंचाई पाने के लिए किसी के हाथ में जोड़ देना आपकी मजबूरी है  इसलिए आप हमेशा पेड़ की ऊंचाई को ही जिंदगी में अपनाएं फिर आप सफलता की नई ऊंचाई को पा सकते है। 


2. दुआ कभी साथ नहीं छोड़ती है और बद्दुआ कभी पीछा नहीं छोड़ती है, आप अपनी जिंदगी में किसी भी व्यक्ति को जो भी दोगे वही आपको मिलेगा फिर चाहे वह इज्जत हो या धोखा, प्यार हो या नफरत, खुशी हो या दुखी यह सब आपकी विचारों के ऊपर भी है अगर आप दूसरों को खुशी देंगे तो आपको ही आगे खुशी ही मिलेगी। 

3.  एक बात हमेशा याद रखना अगर आप सही हैं तो सही बने रहे कुछ भी साबित करने की जरूरत ना करें बस सही का दामन पकड़े, और आगे आप की गवाही वक्त खुद दे देगा कि आप सही हैं। 


4 इंसान की सफलता उसके हाथों की लकीरों में नहीं बल्कि इंसान के माथे की पसीने में होती है।  इसलिए अगर आप सफल बनना चाहते हैं तो कभी नहीं हाथों की लकीरों पर विश्वास ना करें आप जो भी करें मन लगाकर करें फिर जो भी मिलेगा सफलता से मिलेगा अगर आप अपनी सफलता में अंधविश्वास को लाएंगे तो आप असफल रहेंगे लेकिन अपने सफलता में मेहनत और सूझबूझ को लाएंगे तो आप सफल रहेंगे। क्योंकि अगर आप हार नहीं मानती तो आपको कोई नहीं हरा सकता और आप हार मान जाएंगे तो दूसरा से आगे हो जाएगा। 


5.  आप कुछ भी करें इसे दुनिया को कोई मायने नहीं रखता लेकिन आप कोई कार्य किस मन से कर रहे हैं
 यह दुनिया को बहुत मायने रखता है क्योंकि दुनिया उसी पर भरोसा करती है जिसे खुद पर भरोसा होता है और जिसे खुद पर भरोसा होता है वही इतिहास रचते हैं। और अपने विचार ऐसे रखो कि तुम्हारे विचारों पर भी दुनिया को विचार करना पड़े। 



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